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: पà¥à¤°à¤•ृति को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देकर मशीन में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने का दावा करने वाले कौन हैं?
जवाब: लैब में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने का दावा जिस हाशम अल-घाइली नाम के शखà¥à¤¸ ने किया है, वो जरà¥à¤®à¤¨à¥€ की राजधानी बरà¥à¤²à¤¿à¤¨ के रहने वाले हैं। घाइली पेशे से साइंटिसà¥à¤Ÿ होने के अलावा फिलà¥à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤¯à¥‚सर à¤à¥€ हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा- ‘इकà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤«â€™ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की पहली आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने वाली कंपनी बनेगी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया- दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° के साइंटिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ ने बीते 50 सालों में इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में जो à¤à¥€ खोज की है, उन सà¤à¥€ को à¤à¤• साथ मिलाकर आगे बढ़ाया गया है।
‘इकà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤«â€™ कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इस पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ पर काम करने के लिठ75 लैब बनाठगठहैं। हर लैब में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पैदा करने के लिठ400 ‘बेबी पॉड’ लगाठगठहैं। इससे मशीन के जरिठ30,000 बचà¥à¤šà¥‡ पैदा होंगे।
ये उस लैब की तसà¥à¤µà¥€à¤° है, जिसमें पॉड के जरिठबचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की तैयारी चल रही है।
ये उस लैब की तसà¥à¤µà¥€à¤° है, जिसमें पॉड के जरिठबचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की तैयारी चल रही है।
सवाल 2: ‘बेबी पॉड’ कà¥à¤¯à¤¾ है और ये कैसे काम करता है?
जवाब: ‘बेबी पॉड’ à¤à¤• मशीन है, जिससे बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ के बिना बचà¥à¤šà¤¾ पैदा किया जा सकता है। इस मशीन को किसी महिला के गरà¥à¤ की तरह ही डिजाइन किया गया है। इसलिठइसे आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ à¤à¥€ कहते हैं।
ये मशीन कैसे काम करती है, इस बात को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठये जानना जरूरी है कि गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण कैसे पलता है।
दरअसल, गरà¥à¤ में कोई à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के जरिठमां की शरीर से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨, पोषक ततà¥à¤µ और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है।
इस समय बचà¥à¤šà¤¾ जो कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ छोड़ता है वह मां की खून में मिल जाता है और बाहर निकल जाता है। गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठà¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तापमान और वातावरण à¤à¥€ होता है। ‘बेबी पॉड’ à¤à¥€ किसी महिला के गरà¥à¤ की तरह ही à¤à¥à¤°à¥‚ण को पलने-बढ़ने में मदद करता है।
सवाल 3: ‘बेबी पॉड’ के जरिठबचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने का पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है?
जवाब: अगर किसी पà¥à¤°à¥à¤· को इनफरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ है और कोई महिला मां नहीं बन पा रही तो इस तकनीक का सहारा लिया जा सकेगा।
इसके लिठसबसे पहले मशीन में पà¥à¤°à¥à¤· के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और किसी महिला के à¤à¤— को मिलाया जाता है। इसके बाद किसी गरà¥à¤ की तरह ये मशीन काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है।
‘बेबी पॉड’ में मॉडरà¥à¤¨ सेंसर लगाठगठहैं, जिसे à¤à¤• à¤à¤ª से कनेकà¥à¤Ÿ किया गया है। इस à¤à¤ª से मां-बाप रियल टाइम सà¥à¤•िन, धड़कन, टेंपरेचर, हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ, ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेवल, बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग रेट, दिल, दिमाग, किडनी, लिवर और शरीर के बाकी अंगों को मॉनिटर कर सकेंगे।
महिला गरà¥à¤ की तरह ही इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में à¤à¥€ ‘à¤à¤®à¥â€à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड’ डाला जाता है। 9 महीने बाद इस फà¥à¤²à¥‚इड को निकालने के बाद नवजात को à¤à¥€ मशीन से निकाल लिया जाता है।
कंपनी ने वीडियो जारी कर बताया है कि इस तरह से माता-पिता मशीन में पल रहे अपने बचà¥à¤šà¥‡ को देख सकेंगे।
कंपनी ने वीडियो जारी कर बताया है कि इस तरह से माता-पिता मशीन में पल रहे अपने बचà¥à¤šà¥‡ को देख सकेंगे।
सवाल 4: कà¥à¤¯à¤¾ नेचà¥à¤°à¤² गरà¥à¤ से आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ अलग होगा?
जवाब: इस टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ पर काम करने वाले साइंटिसà¥à¤Ÿ घाइली ने दावा किया है कि ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ इतना à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स होगा कि इसके बारे में सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सोच à¤à¥€ नहीं सकता। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा- मां-बाप अब मनचाहा बचà¥à¤šà¤¾ पैदा कर सकेंगे।
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का सà¥à¤¤à¤°, ऊंचाई, बाल, आंखों का रंग, शारीरिक शकà¥à¤¤à¤¿ और सà¥à¤•िन का कलर तक सेट किया जा सकता है।
सवाल 5: आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ की जरूरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ महसूस हà¥à¤ˆ?
जवाब: आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ की जरूरत पर साइंटिसà¥à¤Ÿ अल-घाइली ने दावा किया है कि कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ जापान, बà¥à¤²à¥à¤—ारिया और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ कोरिया जैसे घटती जनसंखà¥à¤¯à¤¾ वाले देशों में आबादी बढ़ाने के काम आà¤à¤—ा।
इसके अलावा कई सारे मैरिड कपल जो सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल इंटरकोरà¥à¤¸ नहीं कर सकते हैं या कोई और दिकà¥à¤•त होती है। वो अगर दूसरी महिला के कोख का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठबिना बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करना चाहते हैं तो उनके लिठये मशीन मददगार साबित होगी।
यही नहीं बांठदंपतियों और गरà¥à¤ निकलवा चà¥à¤•ी महिलाओं के लिठà¤à¥€ ये टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ बेहद खास साबित होगी।
सवाल 6: कà¥à¤¯à¤¾ बेबी पॉड के जरिठसिरà¥à¤« लैब या फिर घर में à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ पैदा हो सकता है?
जवाब: à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤« कंपनी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अगर किसी दंपती के पास इतना समय नहीं है कि वह लैब आकर पॉड में विकसित हो रहे अपने बचà¥à¤šà¥‡ को देख सकें, तो वो 'बेबी पॉड' अपने घर à¤à¥€ ले जा सकेंगे।
हर पॉड के साथ बैटरी लगी होती है, जिसे सावधानी से उठाकर अपने बेडरूम में à¤à¥€ ले जाया जा सकता है। हर तरह के टेसà¥à¤Ÿ के बाद ही इस मशीन में बचà¥à¤šà¤¾ बनाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होती है। à¤à¤¸à¥‡ में बरà¥à¤¥ कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन यानी जनà¥à¤® के समय किसी बीमारी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
सवाल 7: आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ से बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने में सबसे बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है?
जवाब: पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® यानी शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ और महिलाओं के à¤à¤— के मिलने के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 10 दिन का समय सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है। इन 10 दिनों में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ और à¤à¤— मिलकर à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण का रूप लेते है। सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और à¤à¤— के à¤à¥à¤°à¥‚ण में कनà¥à¤µà¤°à¥à¤Ÿ होने के पीछे का साइंस अब तक कà¥à¤²à¥€à¤¯à¤° नहीं है। à¤à¤¸à¥‡ में साइंटिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ के बीच इस नेचà¥à¤°à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ को आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में हà¥à¤¬à¤¹à¥‚ अपनाना à¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ का विषय है।
मां के गरà¥à¤ में टिशू के जरिठà¤à¥à¤°à¥‚ण तक बà¥à¤²à¤¡ पहà¥à¤‚चने का अपना à¤à¤• नेचà¥à¤°à¤² सिसà¥à¤Ÿà¤® होता है। आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ के लिठये सिसà¥à¤Ÿà¤® अब तक साइंटिसà¥à¤Ÿ डेवलप नहीं कर पाठहैं।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठइस समय ये दो सबसे बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ साइंटिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ के सामने है।
तसà¥à¤µà¥€à¤° के जरिठबताया गया है कि कैसे 9 महीने पूरे होते ही पॉड से à¤à¤• खास तरह के लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ को निकालने के बाद उस बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ निकाल लिया जाà¤à¤—ा।
तसà¥à¤µà¥€à¤° के जरिठबताया गया है कि कैसे 9 महीने पूरे होते ही पॉड से à¤à¤• खास तरह के लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ को निकालने के बाद उस बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ निकाल लिया जाà¤à¤—ा।
सवाल 8: आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं?
जवाब: किंगà¥à¤¸ कॉलेज लंदन के à¤à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° à¤à¤‚डà¥à¤°à¤¯à¥‚ शेनन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ये टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ जलà¥à¤¦ ही हकीकत में बदल सकती है। शेनन ने कहा है कि à¤à¤¸à¥‡ कई उदाहरण हैं जिसमें समय से पहले गरà¥à¤ से निकालकर नवजात को इनकà¥à¤¯à¥‚बेटर में रखा गया है और वो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे हैं। इन नवजात को à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब के जरिठपानी और दूध दिया जाता है।
इसके अलावा बायोकेमिकल और à¤à¤‚टीबॉडी बनने का पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ गरà¥à¤ में नेचà¥à¤°à¤² तरीके से होता है। साइंटिसà¥à¤Ÿ इस पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठरिसरà¥à¤š कर रहे हैं। जैसे ही इस पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ को पूरी तरह से समठलिया जाà¤à¤—ा फिर आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करना संà¤à¤µ होगा।
यूसीà¤à¤² इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट फॉर वीमेन हेलà¥à¤¥ के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° जॉयस हारà¥à¤ªà¤° ने कहा- ‘विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में कà¥à¤› à¤à¥€ असंà¤à¤µ नहीं है। मà¥à¤à¥‡ कोई संदेह नहीं है कि आने वाले वकà¥à¤¤ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग आईवीà¤à¤« के जरिठबचà¥à¤šà¥‡ पैदा किठजाà¤à¤‚गे।’
सवाल 9: कà¥à¤¯à¤¾ पहले à¤à¥€ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की बात हà¥à¤ˆ है?
जवाब: अà¤à¥€ तक à¤à¤²à¥‡ ही किसी साइंटिसà¥à¤Ÿ या संसà¥à¤¥à¤¾ ने आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में इंसानों के पैदा करने का दावा नहीं किया हो, लेकिन इससे पहले à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚ पर इस तरह का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सफल हो चà¥à¤•ा है।
इसके अलावा साइंटिसà¥à¤Ÿ चूहे के à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¥€ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में 11 दिनों तक सफलतापूरà¥à¤µà¤• पाल चà¥à¤•े हैं। आमतौर पर इंसानों से पहले जानवर पर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किठजाते हैं। सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के जरिठà¤à¤²à¥‡ ही इंसानों के गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास को समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिली हो, लेकिन महिला शरीर के बाहर आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² गरà¥à¤ में संतान पैदा करने का दावा इससे पहले किसी ने नहीं किया था।
सवाल 10: इस तकनीक को लेकर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विवाद किस बात पर है?
जवाब: इस तकनीक को लेकर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विवाद इस बात पर है कि जब बचà¥à¤šà¤¾ मशीन से पैदा होगा तो इसका नियंतà¥à¤°à¤£ कौन करेगा? इसके लागू होने से नवजात के लिंग पहचान और à¤à¥à¤°à¥‚ण हतà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कैसे रोका जाà¤à¤—ा। रिसरà¥à¤šà¤° का कहना है कि यह परमाणॠतकनीक जैसा ही है। यदि सही कानून न हो तो इसके दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है।
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